जय जय देव जय सुखना स्वामी ! प्रभु (2)

वंदन करीये तुझने (2) भवभवना भामी ।।1।।

सिद्धारथना सुत ! त्रिशला ना जाया ! प्रभु (2)

जशोदाना छो कंथजी (2) त्रिभुवन जगराया ।।2।।

बालपणामां आप गया रमवा काजे प्रभु ! (2)

देवताए दीधो पडछायो (2) बीवराववा काजे ।।3।।

एकवारनुं रुप लीधु छे नागनुं प्रभु ! (2)

बीजीवारनुं रुप (2) लीधु बालकनुं ।।4।।

बालक बीना सहु पोते नथी बीता प्रभु (2)

देवतानु कई न चाल्युं (2) हारी जता रेता ।।5।।

एवा छे भगवान महावीर तमे जाणो प्रभु (2)

वंदे छे सहु तेने (2) नमे राय राणो ।।6।। जयदेव जयदेव……..




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